
कांग्रेस के कई नेताओं ने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर उन्होंने कांशीराम के सामाजिक न्याय और दलितों के उत्थान के कार्यों को याद किया। राहुल गांधी ने इस अवसर पर कहा कि आज संविधान खतरे में है। उनके अनुसार, जो लोग बाबा भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान की शपथ लेकर सत्ता में आए हैं, वही इसे कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।
कांशीराम का योगदान याद किया गया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांशीराम ने दलितों और वंचितों को संगठित करके उन्हें भारतीय राजनीति की मुख्यधारा में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने कांशीराम की सामाजिक न्याय की सोच को भी बहुत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि उनकी मेहनत से वंचित वर्गों को गरिमामय पहचान मिली।
राहुल गांधी का संदेश
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में कांशीराम को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका संघर्ष सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान ही वंचितों और पिछड़ों की असली ताकत है, जो आज खतरनाक स्थिति में है।
समाज सुधारक का योगदान अनमोल
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी कांशीराम को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका योगदान समाज के दलित और वंचित वर्गों के लिए एक मजबूत आवाज देने का रहा है। उनके दृष्टिकोण के कारण, सामाजिक न्याय के विचारों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में मदद मिली है।
खरगे ने दी विनम्र श्रद्धांजलि
मल्लिकार्जुन खरगे ने आगे कहा कि उनके योगदान की वजह से सामाजिक न्याय और समानता के संघर्षों में कांशीराम का नाम सदैव अमर रहेगा। कांग्रेस पार्टी हमेशा सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए खड़ी रहेगी।
वंचितों को मुख्यधारा में लाने की जिम्मेदारी
राहुल गांधी ने बयान दिया कि बिना सत्ता में हिस्सेदारी के, किसी भी प्रकार का न्याय संभव नहीं है। यह कांशीराम का एक महत्वपूर्ण संदेश है। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा बहुजन समुदाय की भागीदारी और गरिमा के लिए काम किया है, और भविष्य में भी करती रहेगी।
सामाजिक न्याय की नई दिशा
कांशीराम की जयंती पर कांग्रेस नेताओं ने उनके विचारों को साझा करते हुए कहा कि उनकी सोच आज भी समाज में महत्वपूर्ण है। कांशीराम ने जिस तरह से दलितों और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया, वह सभी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
आंदोलन और समानता की लड़ाई
कांशीराम का योगदान महज एक राजनीतिक धारा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में समानता और न्याय के आंदोलन का प्रतीक है। उनके विचारों के माध्यम से कांग्रेस पार्टी सभी जातियों और वर्गों को एक साथ लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
