भारतीय युवा कांग्रेस ने US ट्रेड डील के खिलाफ एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया।

नई दिल्ली, 20 मार्च 2026: भारतीय युवा कांग्रेस ने US ट्रेड डील के खिलाफ एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। इस पत्रकार वार्ता को भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी श्री मनीष शर्मा ने और राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री उदय भानु चिब ने संबोधित किया।

भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी श्री मनीष शर्मा को आज न्यायालय कि तरफ से AI Summit प्रोटेस्ट में अग्रिम जमानत मिली है। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री उदय भानु चिब ने कहा कि सभी जानते है कि भारतीय युवा कांग्रेस ने AI Summit में एक प्रोटेस्ट किया था, उस प्रोटेस्ट के पीछे का मकसद एक ही था कि जिस तरह से देश के प्रधानमंत्री ने कॉम्प्रोमाइज्ड होकर, देश कि सरकार ने कॉम्प्रोमाइज्ड होकर US ट्रेड डील कि, वो देश के लोगों के लिए खासकर देश के किसानों के लिए नुकसानदाई है। इस ट्रेड डील से देश के किसानों का नुकसान होने वाला है, देश की किसानी का नुकसान होने वाला है, देश का डाटा जो सबसे महत्वपूर्ण है, हमारा सबसे बड़ा एसेट है हमारा, वो फ्री में अमेरिका के पास जा सकता है, जिससे देश के लोगों का नुकसान होगा, टेक्सटाइल इंडस्ट्री का नुकसान होने वाला है, इसके खिलाफ हमने प्रदर्शन किया, एक शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के कारण हमारे कई युवा कांग्रेस के साथियों पर दबाव डाला गया, हमारे कई साथी जेल में गए, हमारे IYC के राष्ट्रीय प्रभारी श्री मनीष शर्मा को काफी देर तक परेशान किया गया, लेकिन जैसे कहावत है सत्यमेव जयते, उस ही तर्ज पर हमारे जितने भी साथी थे उन्हें बेल मिल गई, और हमारे प्रभारी श्री मनीष शर्मा जिनपर लगातार सिस्टम दबाव बना रहा था उन्हें भी आज अग्रिम जमानत मिल गई है, न्यायालय के द्वारा। हम यह भी कहना चाहते है कि जिस तरह से हमारे जाबाज साथियों ने प्रदर्शन किया, एक शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया, देश के किसानों के लिए, देश के लोगों के लिए और यह बता दिया कि भले ही देश का PM कॉम्प्रोमाइज्ड हो, देश कि सरकार कॉम्प्रोमाइज्ड हो, चाहे Epstein Files में किसी सरकार के आदमी का नाम हो, अगर देश के नागरिकों के हितों के खिलाफ कोई कार्य होगा उसको युवा कांग्रेस बर्दास्त नहीं करेगी और इसके खिलाफ संघर्ष आगे भी चलता रहेगा, इसके लिए हम वचनबद्ध है।

भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी श्री मनीष शर्मा ने कहा कि पिछले एक महीने से जैसा कि आप सभी ने देखा कि प्रदर्शन हुआ, प्रदर्शन के बाद युवा कांग्रेस पर कार्रवाई हुई, पूरा सरकारी तंत्र इस प्रोटेस्ट को एक अपराधिक कार्य बनाने में लगा हुआ था। इस प्रदर्शन में जिस प्रकार कि धाराएं हमारे साथियों पर लगाई गई, आप सभी के पास FIR की कॉपी उपलब्ध होगी, आप सभी ने वो वीडियो भी देखा होगा, उसमें हमारे साथी शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे है और सिर्फ एक नारा लगा रहे थे, PM Is Compromised, लेकिन उस FIR में ये नारा छोड़कर सब लिखा हुआ है। इसके पीछे कौन है ये सभी जानते है, ये एक डर बनाने कि कोशिश कि जा रही है, डिसेंट को दबाना का प्रयास किया जा रहा है। हमारे साथियों के साथ गलत व्यवहार हुआ, उनके परिवारों को परेशान किया गया, उनके घरों पर रातों रात रेड कि गई, और इस प्रकार का माहौल बनाया गया कि जैसे कोई बहुत बड़ा गुनाह कर दिया गया हो। हमारे साथियों ने जो प्रदर्शन किया वो उनका बुनियादी अधिकार है, और इस बुनियादी अधिकार के लिए हमारे पूर्वजों ने संघर्ष किया है स्वतंत्रता संग्राम के दौरान। स्वतंत्रता संग्राम का आंदोलन इसीलिए था कि हम राजा की आंखों में आंखे डाल कर कह सके कि वो चोर है, तो जिन पॉलिटिकल पार्टी के लोगों ने इस संग्राम में हिस्सा नहीं लिया, RSS या भाजपा उनको यह समझ नहीं आता है कि फ्रीडम ऑफ स्पीच क्या है, प्रदर्शन करना हमारा बुनियादी अधिकार है, इस अधिकार का इस्तेमाल हमारे साथियों ने किया है और युवा कांग्रेस आगे भी इसका इस्तेमाल करता रहेगा, क्योंकि ये प्रदर्शन हमारे आने वाले देश के भविष्य के लिए है। AI Summit पर प्रदर्शन इसलिए किया गया क्योंकि US ट्रेड डील से हमारे देश का किसान, इस देश का जवान और इस देश का नागरिक प्रभावित होगा। जिन लोगों को ये लगता है कि 10, 12, 13 लोग अपनी शर्ट निकाल रहे है और इससे देश कि बदनामी है तो वो अंदर से नंगे है क्योंकि वो देख नहीं पा रहे कि महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश के अंदर जो कपास का किसान उसका जीवन अब अधर में आ चुका इस ट्रेड डील के चलते। उनको ये भी नहीं समझ आ रहा है कि इस देश के जो 150 करोड़ लोग है उनका डाटा देश की शक्ति है, जिसके दम पर हमारे प्रधानमंत्री पूरी ताकत के साथ ट्रेड डील साइन कर सकते थे जिससे भारत का हित होता पर हमारी सरकार ने अमेरिका के सामने सरेंडर कर दिया। यह ट्रेड डील एकतरफा डील है जिसमें फायदा सिर्फ अमेरिका का है, और भारत के भविष्य पर एक बड़ा सवाल बन गया है। एक विपक्षी दल होने के नाते हमारा फर्ज है इसके खिलाफ आवाज उठाना, आवाज कैसे उठाएं आप इस दफ्तर के बाहर देखिए 15 फुट के बैरिकेड लगा के रखे है, हम इस दफ्तर के बाहर जा ही नहीं पाते, प्रदर्शन के लिए हमें परमिशन मिलती नहीं, जंतर मंतर पर कभी परमिशन मिलती है कभी नहीं, तो आखिर प्रदर्शन कहा करे? और प्रदर्शन कहा किया जाना चाहिए उसका निर्धारण कानून करेगा, कोई और नहीं, और आज उस ही कानून से हमको जमानत मिली है तो इसका मतलब कानून के हिसाब से कोई गुनाह नहीं है। अगर सरकार ने यह तय किया है कि वो संगठन को परेशान करने के लिए दबाव बनाएगी तो वो अपना कार्य करे, हम अपने आत्मबल के साथ संविधान के साथ अपना कार्य करेंगे। ये ट्रेड डील हमारा मुख्य मुद्दा है, और हमने पिछले एक महीने और उससे पहले इसके खिलाफ अपनी आवाज उठाई है और जब तक ये डील रद्द नहीं होती तब तक युवा कांग्रेस इसपर लड़ता रहेगा, अपना प्रदर्शन दर्ज करता रहेगा, और जहां मौका मिलेगा हम संविधान को लेके इसके खिलाफ विरोध करते रहेंगे। सरकार से जो बन सके वो करे हम संविधान के साथ इस ट्रेड डील का विरोध करते रहेंगे, और एक लाइन हम बार बार कहते रहेंगे और वो लाइन है PM जो है इस मुल्क का वो Compromised है। इस देश के 150 करोड़ लोगों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए हम ये लाइन दोहराते रहेंगे और ये भी बताएंगे कि हमारे प्रधानमंत्री ने दूसरे मुल्कों के सामने सरेंडर कर दिया है। जब तक US ट्रेड डील रद्द नहीं होती तब तक ये विरोध हम करते रहेंगे, हम डरे नहीं है, हम पुलिस को जांच में पूरा सहयोग करेंगे, हमारा उद्देश्य AI Summit को डिस्टर्ब करना कतई नहीं था, हम अपनी बात रखना चाहते थे और भविष्य में भी हम इस ट्रेड डील के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

धन्यवाद सहित:
वरुण पांडेय।
राष्ट्रीय चेयरमैन,
मीडिया विभाग, भारतीय युवा कांग्रेस।

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