
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार को लेकर मंगलवार को दिल्ली में सियासी बवाल मच गया। AAP ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने विधायक को तड़के उनके घर से जबरन उठा लिया और उनके घर के CCTV कैमरे तोड़कर DVR भी अपने साथ ले गई।
मामला कल्याणपुरी में सफाई कर्मचारी अनिल कुमार की हत्या के विरोध-प्रदर्शन से जुड़ा है। विधायक कुलदीप कुमार मृतक के परिवार को मुआवजा और न्याय दिलाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। AAP नेताओं ने पुलिस पर विधायक को अज्ञात स्थान पर ले जाने का आरोप लगाया और उनकी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने ‘अपहरण’ के आरोप से इनकार करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि कुलदीप कुमार को निवारक हिरासत (preventive detention) में लिया गया था और बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें मंगलवार दोपहर करीब 3:48 बजे रिहा किया गया।
विधायक के परिवार की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर भी दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। पुलिस द्वारा विधायक की रिहाई की जानकारी दिए जाने के बाद अदालत ने याचिका का निपटारा कर दिया।
यानी सवाल ‘अगवा’ किए जाने का उठा जरूर, लेकिन उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पुलिस ने इसे हिरासत बताया है। अब विवाद पुलिस कार्रवाई और हिरासत के कारणों को लेकर है।
