
नई दिल्ली, अखिल भारत हिन्दू महासभा अपना स्थापना दिवस 13 अप्रैल को जंतर मंतर पर मनाएगी। जंतर मंतर पर दोपहर दो बजे हिन्दू राष्ट्र निर्माण सम्मेलन आयोजित कर संसद में भारत को संवैधानिक रूप से हिन्दू राष्ट्र घोषित करने का विशेष विधेयक पारित करने की मांग की जाएगी। सम्मेलन की अध्यक्षता हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी करेंगे।

हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने आज जारी बयान में यह जानकारी देते हुए कहा कि हिन्दू महासभा की स्थापना सन 1915 में हरिद्वार में माँ गंगा के तट पर हुई थी और राजा मनींद्र चंद नंदी हिन्दू महासभा के प्रथम राष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे। हिन्दू महासभा ने ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध सशस्त्र क्रांति का नेतृत्व करते हुए भारत के स्वतंत्रता संग्राम में प्रमुख भूमिका निभाई। देश विभाजन के बाद हिन्दू महासभा ने खंडित भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने का परामर्श दिया, किन्तु तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए हिन्दू राष्ट्र की मांग को ठुकरा दिया। हिन्दू महासभा आज भी भारत की हिन्दू राष्ट्र घोषित करवाने के लिए आंदोलनरत है। जंतर मंतर पर 13 अप्रैल को हिन्दू राष्ट्र निर्माण सम्मेलन का आयोजन इसी आंदोलन की अगली कड़ी है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने बताया कि सम्मेलन में गौहत्या को मानव हत्या की श्रेणी में लाकर गौ हत्यारों को फांसी की सजा का केंद्रीय कानून बनाने, गाय को राष्ट्रीय प्राणी घोषित करने और जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने पर भी संसद में विधेयक पारित करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि विशेष समुदाय के जनसंख्या विस्फोट से भारत के बहुसंख्यक समाज के सामने अनगिनत विषम परिस्थितियाँ उत्पन्न हो रही है। भारत इस्लामिक राष्ट्र की दिशा में बढ़ रहा है जबकि हिन्दू समाज भारत की मूल आत्मा है। इस विषम परिस्थिति से निपटने के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून का अस्तित्व में आना आवश्यक है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने बताया कि जंतर मंतर पर हिन्दू राष्ट्र निर्माण सम्मेलन को सफल बनाने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। जंतर मंतर पर हिन्दू राष्ट्र निर्माण सम्मेलन के आयोजन की जानकारी पुलिस उपायुक्त कार्यालय नई दिल्ली जिला के पुलिस अधिकारियों को दे दी गई है। सम्मेलन में पूरे देश से सैकड़ों प्रतिनिधि 13 अप्रैल को दिल्ली पहुंच रहे हैं।

