
दान चोरी और आर्थिक भ्रष्टाचार को अंजाम देने के लिए हिन्दू महासभा को ट्रस्ट में शामिल नहीं किया गया – बी एन तिवारी

नई दिल्ली, श्रीराम जन्मभूमि पर स्थित रामलला विराजमान मंदिर में दान चोरी का प्रकरण उजागर होने पर लंबे समय बाद अखिल भारत हिन्दू महासभा ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने दान चोरी के मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दोषी ठहराते हुए ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से भंग करने, ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों को दान चोरी की आरोप में गिरफ्तार करने और ट्रस्ट का पुनर्गठन करने की मांग की है।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने आज जारी बयान में यह जानकारी दी। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी से फोनवार्ता करने के बाद जारी बयान में कहा कि 70 वर्षों तक फैजाबाद जिला न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक श्री राम जन्मभूमि का न्यायिक वाद लड़कर सन 2020 में न्यायिक निर्णय से मंदिर निर्माण का स्वप्न साकार करने वाली अखिल भारत हिन्दू महासभा को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व देने का सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्देश देने के बाद हिन्दू महासभा को ट्रस्ट में शामिल नहीं किया गया। हिन्दू महासभा के रहते दान चोरी या अन्य प्रकार के भ्रष्टाचार को अंजाम देना संभव नहीं था, इसलिए ट्रस्ट का गठन करने वालों ने जानबूझ कर हिन्दू महासभा को ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व नहीं दिया। प्रतीत होता है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन की समय ही दानचोरी और अन्य आर्थिक भ्रष्टाचार की योजना तैयार कर ली गई थी, जो पूर्व नियोजित षडयंत्र का अपराध है।
जारी बयान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने " जो रामलला से द्रोह करेगा वो रावण की मौत मारेगा" का नारा देते हुए दानचोरी की एस आई टी से जांच करवाने का स्वागत किया है। उन्होंने जांच में बड़ी मछलियों को बचाने और छोटी मछलियों को फंसाने का बड़ा खेल होने की आशंका भी व्यक्त की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग कर ट्रस्ट से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को दानचोरी प्रकरण में आरोपी बनाना चाहियें। साथ ही ट्रस्ट का पुनर्गठन कर ट्रस्ट में अखिल भारत हिन्दू महासभा, निर्मोही अखाड़ा और अयोध्या के धर्माचार्यों को ही ट्रस्ट में शामिल करने की मांग की है। ऐसा होने पर रामलला मंदिर में दान चोरी अथवा किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने कहा कि हिन्दू महासभा रामलला मंदिर में आने वाली दानराशि का सदुपयोग अयोध्या में विश्व का सबसे बड़ा एक लाख विद्यार्थियों की क्षमता वाला गुरुकुल और एक लाख गाय के लिए लिए सबसे बड़ी गौशाला खोलने की पक्षधर है। इस विषय पर केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को हिन्दू महासभा ज्ञापन देगी। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर यशपाल सिंह ने दानचोरी को जघन्य अपराध घोषित करते हुए कहा कि इस प्रकरण से भगवान श्रीराम और भारत की विश्व भर में छवि धूमिल हुई है। उन्होंने कहा कि हिन्दू महासभा ने राम मंदिर आंदोलन के दौरान भी विश्व हिन्दू परिषद पर आंदोलन में एकत्र हुए चंदे में से करोड़ों रुपए का घोटाला करने का आरोप लगाया था और यह आरोप आज भी बरकरार है। इसकी जांच आज तक नहीं करवाई गई। वर्तमान में दान चोरी प्रकरण में एस आई टी की जांच भी असली गुनहगारों को बचाने और कुछ कर्मचारियों को फंसाने मात्र का षडयंत्र हो सकता है।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री महामंडलेश्वर ललितानंद जी महाराज ने प्रोफेसर यशपाल से सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि अयोध्या के दान चोरी प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीश की अध्यक्षता में समिति गठित हो और सी बी आई को जांच सौंपी जाये। दोहरे स्तर पर जांच से दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा और वास्तविक अपराधियों के चेहरे उजागर होंगे। हिन्दू महासभा उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मनोज शर्मा ने भी इस विषय को गंभीरता से उठाते हुए कहा कि यदि जांच के नाम पर वास्तविक चोरों को बचाने का प्रयास हुआ तो हिन्दू महासभा इस प्रयास को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी। हिन्दू महासभा सड़को पर आंदोलन आरंभ कर वास्तविक अपराधियों को विधि सम्मत दंड दिलवाएगी।



