

नई दिल्ली, अखिल भारत हिन्दू महासभा के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री महात्मा नाथुराम गोडसे की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में एक कार्यक्रम का आयोजन कर महात्मा गोडसे को नमन करते हुए उनके अधूरे स्वप्न को पूरा करने का संकल्प लिया गया। यह जानकारी राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने आज जारी बयान में दी। जारी बयान के अनुसार दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह राजू पार्चा के आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि महात्मा गोडसे ने खंडित भारत का इस्लामीकरण रोकने के लिए कांग्रेस नेता मोहनदास करमचंद गांधी का वध कर अपनी देश भक्ति का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य का विषय है कि देश विभाजन के लिए उत्तरदाई गांधी को राष्ट्रपिता कहकर भारत राष्ट्र का अपमान किया गया। यदि महात्मा गोडसे नहीं होते तो गांधी की मुस्लिम तुष्टिकरण की नीतियां पाकिस्तान निर्माण के बाद शेष भारत का इस्लामीकरण कर देती। राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि महात्मा गोडसे को स्वतंत्र भारत में ब्रिटिश कानून के अंतर्गत फांसी की सजा देना अनुचित था। उन्होंने कहा कि महात्मा गोडसे की अस्थियां आज भी विसर्जन के लिए पुणे में प्रतीक्षा कर रही हैं। महात्मा गोडसे की अंतिम इच्छा थी कि उनकी अस्थियां अखंड भारत ( भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश ) में बहने वाली सिंधु नदी में ही प्रवाहित की जाए। हिन्दू महासभा ही उनकी अंतिम इच्छा को अखंड भारत निर्माण के साथ पूरा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ब्रिटिश कानून के अनुसार उन पर अभियोग नहीं चलाया गया होता तो उन्हें निर्दोष बरी कर दिया जाता। राष्ट्रीय प्रवक्ता मदन लाल गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि लाखों हिंदुओं की हत्या के लिए उत्तरदाई गांधी के नाम पर देश में हजारों लाखों विद्यालय, महाविद्यालय और चिकित्सालय खुले हैं। गांधी के नाम पर खुले इन सभी संस्थानों का नाम बदलकर गोडसे के नाम रखना ही महात्मा गोडसे का वास्तविक सम्मान हो सकता है। बी एन तिवारी ने बताया कि कार्यक्रम में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह राजू पार्चा ने महात्मा गोडसे को नमन करते हुए दिल्ली प्रदेश कार्यकारिणी का पुनर्गठन किया।
