नई दिल्ली, लोदी रोड स्थित श्री रामायण विद्यापीठ के प्रांगण में अखिल भारत हिन्दू महासभा और श्री रामायण विद्यापीठ के पदाधिकारियों ने हवन यज्ञ कर गौरक्षा, धर्म रक्षा, राष्ट्र रक्षा, भारत की सांस्कृतिक धरोहर और सनातन धर्म के मूल्यों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। की संयुक्त बैठक संपन्न हुई। हवन यज्ञ में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के उत्थान और गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को पुनर्जीवित करने का उद्घोष किया गया। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय धर्माचार्य प्रमुख महामंडलेश्वर स्वामी मंगलानंद जी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वैदिक यज्ञ हवन संपन्न करवाया। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर यशपाल सिंह, राष्ट्रीय धर्माचार्य सहप्रमुख चन्द्र शेखर भट्ट, राष्ट्रीय प्रवक्ता मदन लाल गुप्ता, हिन्दू युवक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार, आर्यन ध्वज सहित भारी संख्या में उपस्थित पुरुष और महिला कार्यकर्ताओं ने यज्ञ में आहुति अर्पित की।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने आज जारी बयान में यह जानकारी देते हुए बताया कि बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि पाश्चात्य शिक्षा प्रणाली और मदरसा शिक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस ने गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को हतोत्साहित किया। राजकीय प्रोत्साहन के अभाव, विभिन्न प्रतिबंधों और अन्य कारणों से गुरुकुल शिक्षा केंद्र बंद हो गए। गुरुकुलों के बंद होने से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शिक्षा से सनातनी समाज का वंचित होना सनातन धर्म के लिए अभिशाप बन गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने देशवासियों से गुरुकुल चलो का आह्वान करते हुए सनातनी समाज को इस अभिशाप से मुक्त करवाने के लिए देश में बंद हो चुके गुरुकुलों को जनसहयोग से पुनः शुरू करने का उद्घोष किया। उन्होंने बैठक में उपस्थित हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय धर्माचार्य प्रमुख महामंडलेश्वर स्वामी मंगलानंद जी महाराज को बंद पड़े गुरुकुलों को पुनः आरंभ करने के राष्ट्रीय अभियान का नेतृत्व सौंपा। स्वामी मंगलानंद जी महाराज ने नेतृत्व का दायित्व संभालते हुए गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को पुनः देश की प्रमुख शिक्षा प्रणाली के रूप में स्थापित करने और देश के सभी नागरिकों के लिए गुरुकुल शिक्षा अनिवार्य बनाने का अभियान को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया।
राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने बताया कि इस अवसर पर श्री रामायण विद्यापीठ के अध्यक्ष शैलेंद्र, उनकी धर्मपत्नी श्रीमती नीरू ध्वज, पुत्र आर्यन सौम्य ध्वज और पुत्रवधू श्रीमती अपूर्वा ध्वज भी उपस्थित रहे। श्रीमती नीरू ध्वज ने बताया कि श्री रामायण विद्यापीठ के नाम से गुरुकुल संचालित था, जिसकी स्थापना सन 1984 में प्रसिद्ध कथाचार्य पंडित कपेंदर जी महाराज ने की थी। सन 1991 में यह गुरुकुल अपरिहार्य कारणों से बंद हो गया था। राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने बताया कि श्री रामायण विद्यापीठ परिसर में इसी नाम से हिन्दू महासभा इस गुरुकुल को पुनः आरंभ करने के साथ अपने इस राष्ट्रीय अभियान का श्री गणेश करेगी
जारी बयान के अनुसार हवन यज्ञ कार्यक्रम में उपस्थित राष्ट्रीय प्रवक्ता मदन लाल गुप्ता ने हिन्दू महासभा की इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि श्री रामायण विद्यापीठ गुरुकुल को पुनः आरंभ करने की तैयारियों और भारतीय जनमानस को गुरुकुल से जोड़ने का अभियान चलाने की योजना को मूर्त रूप देने के लिए साधु संतों की एक समिति का गठन किया जाएगा। समिति में श्री रामायण विद्यापीठ के पदाधिकारियों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरुकुल का पुनः आरंभ 101 साधु संतों की उपस्थिति में विशाल वैदिक यज्ञ के साथ किया जाएगा, जिसकी तिथि शीघ्र ही घोषित की जाएगी। इस अवसर पर तरुण जाटव, रवि कुमार,मोहित राय, आदित्य कुमार, योगेश गुलाटी सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विद्यापीठ में स्थित भगवान श्रीराम मंदिर में दर्शन किए।