
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हाल ही में गुजरात के लोगों को लेकर एक विवादित बयान दिया था। उनके इस बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। खरगे ने कहा था कि केरल के लोग पढ़े-लिखे और समझदार हैं, जबकि गुजरात के लोग अनपढ़ हैं। इस बयान के बाद खरगे को आलोचना का सामना करना पड़ा। विवाद बढ़ते देख उन्होंने माफी मांगने का निर्णय लिया।
खरगे का माफीनामा
माफी मांगते हुए खरगे ने कहा कि उनके बयान का उद्देश्य कभी भी गुजरात के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुजरात के प्रति उनके मन में हमेशा से सम्मान रहा है और रहेगा। उनका कहना है कि कुछ टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया।
बीजेपी का हमला
बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने खरगे के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या राहुल गांधी इस बयान से सहमत हैं। उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी को इस टिप्पणी की निंदा करनी चाहिए। प्रसाद ने कहा कि जिस पद पर खरगे हैं, उस पर पहले कई महान नेता रह चुके हैं। ऐसे में खरगे को एक जिम्मेदार भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।
खरगे का व्यवसायिक करियर
मल्लिकार्जुन खरगे का राजनीतिक करियर काफी लंबा और विविधताओं से भरा रहा है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और उनकी पहचान एक वरिष्ठ नेता के रूप में बनी है। इस तरह के बयान उनके राजनीतिक सफर पर असर डाल सकते हैं।
गुजरात की राजनीतिक स्थिति
गुजरात में राजनीतिक माहौल हमेशा से ही गर्म रहता है। यहाँ के लोग अपने राजनीतिक नेताओं से अपेक्षा करते हैं कि वे उनके प्रति सम्मानजनक भाषा का प्रयोग करें। ऐसे में खरगे का बयान न केवल विवादित रहा बल्कि इसे संवैधानिक दृष्टि से भी गलत समझा गया है।
खरगे की सफाई
खरगे ने बुधवार को माफी मांगते हुए कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने कहा, “मैं अपनी ओर से जिम्मेदारी के साथ खेद व्यक्त करता हूं।” उनके माफीनामे के बावजूद, विवाद ठंडा होता नजर नहीं आ रहा।
