ग्रीन बजट से बदलेगी दिल्ली की तस्वीर, 17 विभागों को मिली बड़ी जिम्मेदारी …

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी को हरा-भरा बनाने के लिए 17 विभागों को जिम्मेदार ठहरा दिया है। ग्रीन बजट को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल 1,03,700 करोड़ रुपये के राज्य बजट में से 22,236 करोड़ रुपये (21.44 प्रतिशत) विशेष रूप से हरित योजनाओं के लिए आवंटित किए गए हैं। यह कदम सरकार की पर्यावरणीय प्राथमिकताओं को दर्शाता है।
दिल्ली जल बोर्ड को मिलेगा सबसे बड़ा हिस्सा
ग्रीन बजट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा दिल्ली जल बोर्ड के लिए है, जिसे लगभग 6,485 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यह धनराशि यमुना की सफाई और जल उपचार परियोजनाओं में उपयोग की जाएगी। इसके बाद परिवहन विभाग को 4,758 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य ई-बसों को बढ़ावा और स्वच्छ परिवहन प्रणाली को सशक्त करना है।
धूल नियंत्रण और हरित बुनियादी ढांचे की ओर
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को 3,350 करोड़ रुपये का आवंटन होगा, जिसका उपयोग धूल नियंत्रण और हरित बुनियादी ढांचे के विकास में किया जाएगा। अन्य विभागों जैसे योजना विभाग को 2,350 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं ताकि विभिन्न हरित परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार हो सके।
स्वच्छ ऊर्जा के लिए सौर परियोजना
बिजली विभाग को 1,410 करोड़ रुपये का आवंटन सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के विकास के लिए दिया जाएगा। शिक्षण, पर्यटन और उद्योग विभागों को भी हरित कोष के तहत महत्वपूर्ण राशि मिली है। शिक्षा विभाग को विद्यालयों में हरित पहलों के लिए 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का अहसास
मुख्यमंत्री ने कहा कि “क्लीन दिल्ली, ग्रीन दिल्ली” अब सिर्फ एक चुनावी नार नहीं, बल्कि यह जहरीली हवा और बढ़ते तापमान के खिलाफ सरकार का ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि ग्रीन बजट के जरिए सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को अपनी राजकोषीय नीति का केंद्र बना लिया है। यह न केवल सरकारी खर्च का लेखा-जोखा है, बल्कि प्रदूषण के खिलाफ एक मजबूत ढांचा भी है।
भविष्य के लिए तैयार
प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को हरित कौशल विकास के लिए 7 करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा विभाग को शोध और पर्यावरण अध्ययन के लिए 2 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस प्रकार, ग्रीन बजट-2026-27 के जरिए दिल्ली सरकार ने राजधानी को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ शहर में बदलने की दिशा में ठोस कदम उठाने का इरादा जताया है।
सभी विभागों के लिए बजट आवंटन
दिल्ली सरकार ने विभिन्न विभागों को ग्रीन बजट के तहत संतुलित रूप से धनराशि आवंटित की है, जिससे प्रदूषण नियंत्रण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक ठोस रणनीति बन सके। यह कदम दिखाता है कि कैसे हर विभाग अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाते हुए पर्यावरण को बचाने में योगदान करेगा।

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