
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में ‘वन स्टॉप सेंटर’ (OSC) के हालात पर मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने यह दावा किया कि हिंसा पीड़ित महिलाओं के लिए बनाये गए OSC में न केवल स्टाफ की कमी है, बल्कि फंड का सही उपयोग भी नहीं हो रहा है। राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की मूलभूत जिम्मेदारी है, न कि मात्र एक योजना।
सवालों के जवाब नहीं मिल रहे
रविवार को उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा OSC के कामकाज को ‘संतोषजनक’ बताने पर सवाल उठाया। राहुल ने कहा कि जब से OSC बने हैं, तब से महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार सुन नहीं रही। “महिलाएं मदद के लिए खटखटा रही हैं, लेकिन दरवाजे बंद हैं,” राहुल ने कहा। उन्होंने संसद में पूछा, “क्यों OSC में आने वाली महिलाओं को मदद नहीं मिल रही?”
मंत्रालय ने क्या कहा?
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने OSC की सेवाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि OSC, ‘मिशन शक्ति’ के अंतर्गत आती है, जो संकट में फंसी महिलाओं को चिकित्सा, कानूनी सहायता और अस्थायी आश्रय जैसी सेवाएं प्रदान करती है। मंत्री ने दावा किया कि 2015 से लेकर अब तक 13.37 लाख महिलाओं को सहायता मिल चुकी है।
राहुल गांधी के सवालों का ब्योरा
गांधी ने लोकसभा में पूछे गए सवालों में OSCs की संख्या, कामकाज का ब्योरा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के आंकड़े मांगे। उन्होंने यह जानना चाहा कि पिछले पांच वर्षों में कितनी महिलाओं ने OSC में पनाह मांगी और OSCs के लिए फंड का सही उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा। उनके सवालों में यह भी शामिल था कि क्या मिनिटर्स ने कुप्रबंधन की शिकायतों की जांच की है।
क्यों जरूरी है OSC का सही काम करना?
राहुल गांधी ने कहा कि अगर मुसीबत में पड़ी महिलाएं OSCs से मदद नहीं ले पा रही हैं, तो यह बड़ी चिंता का विषय है। उन्हें संदेह है कि क्या सरकार सच में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा, “हर पांच में से तीन महिलाओं तक मदद नहीं पहुँच रही है, फिर सरकार सब कुछ ‘संतोषजनक’ कैसे मान सकती है?”
अन्य नेता भी दे रहे समर्थन
महिलाओं के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी के अन्य नेता भी राहुल गांधी का समर्थन कर रहे हैं। उनकी बातें दर्शाती हैं कि महिला सुरक्षा सिर्फ एक योजना नहीं है, बल्कि यह सभी की जिम्मेदारी होनी चाहिए। उनकी आवाज केंद्रीय और राज्य सरकारों तक पहुँचनी चाहिए।
सरकार का ध्यान क्यों नहीं?
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब OSC बेहतर तरीके से काम नहीं कर रहा है, तो सरकार को इस पर ध्यान क्यों नहीं देना चाहिए? यह एक गंभीर मुद्दा है, जिस पर सभी को विचार करना होगा। यही समय है कि महिलाओं के प्रति सरकार की सोच में बदलाव आए और उचित कदम उठाए जाएं।
क्या है आगे का रास्ता?
महिलाओं की सुरक्षा और OSCs के सफल संचालन के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। सरकार को महिलाओं की समस्याओं को सुनकर समाधान निकालना चाहिए। राहुल गांधी की उठाई गई बातें उस दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।
