
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संगरूर में एक नया सरकारी अस्पताल खोला है। यह अस्पताल संत बाबा अत्तर सिंह की स्मृति में बनाया गया है और अगले महीने से चालू होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अस्पताल का उद्घाटन संगरूर जिले के सुनाम चीमा में किया गया। यह अस्पताल 30 बिस्तरों की क्षमता के साथ तैयार किया गया है, जिसकी कुल लागत 11.70 करोड़ रुपये आई है। इस नई स्वास्थ्य सुविधा से लगभग 50,000 क्षेत्रवासियों को लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की घोषणाएं
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधारों का आश्वासन दिया और कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि संत बाबा अतर सिंह मेडिकल कॉलेज अगले महीने से कार्यशील हो जाएगा, क्योंकि सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। इससे क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बदलाव आएगा।
पंजाब में नशे का खात्मा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशे के खिलाफ सख्ती का परिचय दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब को किसी नए नशे के दलदल में नहीं धकेला जाएगा और उनका एकमात्र लक्ष्य “नशा मुक्त पंजाब” है। पंजाब में हाल के चंडीगढ़ बम धमाके को लेकर भाजपा के आरोपों को उन्होंने बेतुका बताया। उन्होंने भाजपा के नए नेता एचएस फूलका की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनकी सफलता की कामना करते हैं।
संगरूर का विशेष महत्त्व
मुख्यमंत्री भावुक होते हुए कह रहे थे कि संगरूर उनकी राजनीतिक राजधानी है, जिसने उन्हें मजबूत बनाया है। उन्होंने इस क्षेत्र के विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे के लिए कोई कसर नहीं छोड़ने की बात कही। उनकी योजना के तहत खेतों में भूमिगत बिजली लाइने बिछाईं जाएंगी, जिससे किसानों को काफी राहत मिलेगी। यह पायलट प्रोजेक्ट उनके गांव सतोज से शुरू होगा।
धार्मिक भावनाओं का सम्मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि धर्म का अपमान करने वालों को कड़ी सजा देने वाला विधेयक 13 अप्रैल को विधानसभा के विशेष सत्र में पारित किया जाएगा। कानूनी और धार्मिक विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया ये मसौदा जल्द ही सरकार को प्राप्त हो जाएगा।
टोल शुल्क पर विचार
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश को प्रवेश शुल्क समाप्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि पंजाब लगातार टोल प्लाजा बंद कर रहा है, जिसके कारण हिमाचल प्रदेश की ओर टोल लगाना अनुचित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि कमीशन एजेंटों की हड़ताल का कोई असर नहीं है और उनकी मांगें केंद्र सरकार से संबंधित हैं।
