
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान देशवासियों से अपील की है कि हमें वर्तमान में चल रहे पेट्रोल और डीजल संकट का सामना करना होगा। उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र में युद्ध हो रहा है, वह हमारी ऊर्जा आवश्यकताओं का केंद्र है। इस कारण से पूरे विश्व में ईंधन की कमी देखने को मिल रही है। पीएम मोदी ने यह संवाद आकाशवाणी के माध्यम से शनिवार सुबह 11 बजे किया।
हालात को लेकर चिंतित लेकिन समाधान के लिए तैयार
पीएम मोदी ने कहा कि मार्च का महीना विश्व स्तर पर हलचल भरा रहा है। कोरोना महामारी के समय सभी ने बहुत से कठिनाइयों का सामना किया था और यह उम्मीद की जा रही थी कि अब हम नई दिशा में प्रगति कर सकेंगे। लेकिन, दुनिया में कई जगहों पर संघर्ष और युद्ध जारी है, जिससे हम फिर से एक संकट में फंसे हैं। भारत इस स्थिति का डटकर मुकाबला कर रहा है, और यह देश की सामर्थ्य और वैश्विक संबंधों का परिणाम है।
संकट को राजनीतिक रंग देने से बचें
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से कहा कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जो कि 140 करोड़ भारतीयों से जुड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ लोग इस संकट को राजनीति का विषय बना रहे हैं, जो बेहद गलत है। ऐसा करने से देश को बहुत नुकसान हो सकता है। हमें इस मामले में स्वार्थपूर्ण राजनीति से दूर रहना होगा।
अफवाहों से सावधान रहने की जरूरत
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि जो लोग इस विषय पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, वे भारतीय समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने आग्रह किया कि सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए और एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए। यह समय एकजुटता का है, न कि विभाजन का। हमें मिलकर इस संकट से बाहर निकलना होगा।
भारत का सामर्थ्य है संकट का समाधान
पीएम मोदी ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत ने जो सामर्थ्य और सहयोग तैयार किया है, उसी के चलते हम इस मुश्किल समय का सामना कर रहे हैं। वैश्विक संबंध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग इसी समय की आवश्यकता है। भारत की स्थिति मजबूत है और अब हमें अपनी आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने की जरूरत है।
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का महत्व
भारत अब अंतर्राष्ट्रीय मंच पर एक प्रमुख खिलाड़ी बन चुका है। इस संकट के बीच, हमें दिखाना होगा कि हम अपनी ऊर्जा स्रोतों का कैसे बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं। पीएम मोदी का यह संदेश सभी देशवासियों को जोड़ने और एकजुटता का आह्वान करने के लिए था। इसी तरह, हमें मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा।
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