
इटावा। रमज़ानुल मुबारक के तीस दिनों की इबादत, रहमत और मगफिरत के बाद आखिर वह मुबारक लम्हा आ ही पहुँचा। शुक्रवार की शाम इटावा के आसमान में ईद का चाँद नज़र आते ही खुशियों का ऐसा उबाल आया कि पूरा शहर सराबोर हो गया। चाँद की एक झलक ने हर दिल में रौनक भर दी, हर चेहरा मुस्कान में बदल गया और माहौल ईदीयाँ हो गया।
चाँद दिखते ही शहर के बाज़ारों में जान आ गई। हर तरफ रौनक, हर दुकान पर रौनक। ख़रीदारों की भारी भीड़ ने बाज़ारों को पूरी तरह पट दिया। मिठाई की दुकानों से लेकर कपड़ों के शोरूम तक, हर जगह देर रात तक चहल-पहल जारी रही। बाजार की रौनक देखते ही बनती थी – मानो शहर ने ईद के स्वागत में पूरे गहने पहन लिए हों।
इसी बीच चाँद की खुशखबरी फैलते ही शहर की सियासत और समाजसेवा की पहचान, MIMIM के यूथ जिलाध्यक्ष एवं पचराहा मस्जिद के मुतवल्ली मोहम्मद गुलशेर बाजार पहुँचे। उन्होंने न सिर्फ लोगों को चाँद रात की बधाई दी, बल्कि अपने हाथों से मिठाइयाँ बाँटकर हर किसी के साथ ईद की खुशियाँ साझा कीं। इस दौरान उन्होंने कहा,
“ईद सिर्फ एक त्योहार नहीं, यह भाईचारे, मोहब्बत और एकता का पैगाम है। यह पावन पर्व हमें एक-दूसरे से जोड़ता है। मैं पूरे शहरवासियों को ईद की हार्दिक मुबारकबाद देता हूँ।”
शहर के ईदगाह और सभी प्रमुख मस्जिदों में ईद की नमाज़ के लिए तैयारियाँ मुकम्मल कर ली गई हैं। ईदगाह रोड और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पूरा शहर अब ईद की सुबह के आगाज़ का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा है – जहाँ हर धर्म, हर वर्ग के लोग एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की खुशियाँ बाँटेंगे और भाईचारे की इस मिसाल को सच कर दिखाएँगे।
रिपोर्ट:
सुनील दुवे उर्फ नीलू पंडित, इटावा
